Ashtanga Vinyasa Closing Mantra — Hindi Lyrics
स्वस्ति प्रजाभ्यः परिपालयन्तां न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः।
स्वस्ति प्रजाभ्यः परिपालयन्तां न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः।
राजा न्याय के मार्ग से सभी प्रजा का पालन करें।
गोब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं लोकः समस्तः सुखिनो भवन्तु॥
गोब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं लोकः समस्तः सुखिनो भवन्तु॥
गायों और ब्राह्मणों के लिए सदा कल्याण हो और सारी दुनिया सुखी रहे।
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
ॐ शांति, शांति, शांति - सार्वभौमिक शांति की प्रार्थना।