Panchamukhi Hanuman Dhyanam Mantra — Hindi Lyrics
पञ्चस्याच्युतमङ्क विचित्र वीर्यम् । श्री शङ्ख चक्र रमणीय भुजाग्र देशम्
पंचस्य अच्युतमंक विचित्र वीर्यम्। श्री शंख चक्र रमणीय भुजाग्र देशम्
भगवान विष्णु के पाँच अवतारों की विचित्र शक्ति और श्रीमंत शंख व चक्र से सुशोभित भुजाओं को ध्यान में लाते हैं।
पितम्बरम् मकार कुण्डल नुपुरङ्गम् । ध्यायेतितम् कपिवरम् हृति भवयामि
पीतांबरम् मकार कुंडल नुपुरंगम्। ध्यायेतितम् कपिवरम् हृदि भवयामि
पीतवस्त्र, मकर कुंडल और नूपुर से सुसज्जित उत्तम वानर देवता को हृदय में ध्यान करता हूँ।